सूखी ठंड से आम जन-जीवन अस्त-व्यस्त, फसलों को लेकर किसानों की बढ़ी चिंता
नौतन से फिरोज अंसारी की रिपोर्ट
स्थानीय प्रखंड क्षेत्र में विगत दो दिनों से ठंड में अप्रत्याशित वृद्धि हुई है, जिससे आम जनजीवन प्रभावित हो रहा है। कुछ दिनों से ना तो नमीयुक्त शीतलहर है, और ना ही कोहरा; सिर्फ ठंढी हवाओं के चलने से सूखी ठंढ पड़ रही है, जिसको लेकर जहां आम जनजीवन ठंढ से ठिठुरने को विवश है; वहीं कोहरा-रहित ठंढ पड़ने से फसलों को लेकर किसानों की चिंता बढ़ गई है। बता दें कि विगत दो सप्ताह से लगातार ठंढी हवाएं चल रही हैं। आसमान में बादल छाए हुए हैं, जिससे कभी-कभी हल्की धूप निकल रही है। लेकिन गेहूं की फसल के लिए लाभदायक कोहरा नहीं छा रहा है। ऐसे में लगातार ठंढी हवाओं के चलने से ठंढ में वृद्धि हुई है। लेकिन नमीयुक्त शीतलहर और कोहरा नहीं होने से किसानों में फसल को लेकर चिंता बनी हुई है। किसानों का मानना है कि कोहरा और नमीयुक्त शीतलहर रबी फसलों के लिए बहुत ही फायदेमंद साबित होता है। इससे खेतों की नमी बरकरार रहती है तथा फसलों को पर्याप्त पोषण मिलता है। वहीं कोहरा-रहित ठंढ एवं पछिया हवा के चलने से मिट्टी की नमी कम होने लगती है और बलुई व हल्की मिट्टी वाले खेतों की नमी सूखने लगती है, जिससे रबी फसलों को सही पोषण नहीं मिल पाता। किसानों का मानना है कि कोहरा-रहित सूखी ठंढ, फसलों, जानवरों एवं आम जनजीवन सभी के लिए नुकसानदेह साबित होती है। विशेषकर किसानों के लिए ऐसा मौसम किसी भी तरह से हितकर नहीं होता है। लेकिन कुदरत के आगे किसी का वश नहीं चलता है। ऐसे में कुदरत व मौसम की मार झेलने को विवश किसान की चिंता बढ़ी हुई है।












